सोमवार, 17 दिसंबर 2012

महिलाओ के लिए कितनी असुरक्षित दिल्ली -विनाशा दूर नहीं बहुत ही करीब है !


दिल्ली देश की राजधानी ! हम लोगो की शान या  कहिये कि  देश का दिल ! ये दिल आजकल एक भयानक बिमारी से गर्स्थ है ! 

न न इस बिमारी के लिए तो नाम भी समझ से परे हे !एक बार फिर देश के दिल को कुछ नापाक लोगों ने अपनी बिमारी के चलते इस कदर जख्मी कर दिया है कि देश का हर ब्यक्ति इन लोगो को जाने कितनी बददुयायें दे रहा होगा ! क्या इन लोगो को इस कुकर्म को करते समय ये बिलकुल भी याद नहीं आता की वो भी इस औरत की बदोलत इस दुनिया में है! जिसका वो आज इस कदर अपमान कर रहे है क्यों वो भूल  रहे  है कि इसके बिना हमारा कोई अस्तित्व ही नहीं है ! आज सुबह इन्टरनेट पर समाचार पड़ने के लिए लोग-इन किया, तो सभी वेब पर हेड लाइन पड़ते ही पूरा दिन इसी सोच में चला गया कि आखिर ये लोग किस मानसिकता के शिकार है? क्या ये आपने घरों में अपनी माँ बेटी को नहीं देखते होंगे क्या अपनी बेटी को स्कुल भेजते हुए उनके मन में ख्याल नहीं आता होगा कि खुद न करे इस तरह की कोई बात उनके साथ हो जाये तो, चलो माँ, बेटी जिनकी नहीं हे उनका अपना कोई अजीज! क्या ये ख्याल उनको नहीं डराता होगा ? दिल्ली जहाँ कि मुखिया एक औरत है उसके राज में इन घटनाओ का दिनों दिन इस तेजी के साथ बढना कही ना कही उनके पुरे प्रशासन पर भी सवाल उठाता है ! आखिर ये महिलाओं के साथ हो गन्दा खेल कब तक चलता रहेगा ? क्या इस पर उनका कोई उतर्दाइत्व नहीं बनता कि प्रदेश में कोई ऐसा कोई क़ानून लाये जो इन मूर्खों के लिए एक सबक बने? ताकि इस मानसिकता से गर्स्त लोग ये कुकर्म करना तो दूर सोचने मात्र से भी भयभीत हो जाए ! क्या इन घटनाओं को रोकने का कोई तरीका सरकार के पास नहीं है ?यदि है तो उसको जल्दी से जल्दी बिना किसी देरी के कानून का रूप दिया जाना चाहिए ! और अगर नहीं है कोई भी सामाधान तो ऐसे शासक का क्या काम ! जो अपनी ही जात की रक्षा नहीं कर सकती वो दुसरों की क्या रक्षा कर पायेगी ?

एक खबर से मुझे दुःख के साथ साथ ग्लानि भी हो रही है कि आज के लोग आखिर आने वाली पीढ़ियों को क्या भविष्य देना चाहते है ? मेने कभी पढ़ा था की एक समय एसा आएगा जब लोग पतन की आपनी सीमा पर होगा तो वो भूल जायेंगे की किस से क्या रिश्ता है उसका लेकिन उस समय में नहीं समझ पाया की उसका क्या अर्थ है ? लेकिन आज जो ख़बरें पड़ने सुनाने व् देखने को मिल रही है उससे तो यही लगता है की हम लोग अपने पतन की और कभी के जा चुके है !

आज बाप जो अपने परिवार की रक्षा के लिए मरते दम तक अपने पसीने को खून में बदलने को तत्पर होता था, और जो अपने बच्चों के पालन पोषण के लिए कुछ भी कर गुजरना सही मानता था, ऐसे देश में खबरें का ये रूप देखने को मिलेगा कभी सपने भी नहीं सोचा ! ये पतन नहीं तो क्या है जहाँ लोग ये भूल जाये की बाप बेटी का रिश्ता क्या मायने रखता है ? ये विनाश या कहिये सर्वनाश का संकेत नहीं तो क्या हे जब भाई बहन का रिश्ता जो पुरे संसार में सबसे पवित्र मन गया हे लोग उसकी पवित्रता को नापाक करने आमादा है ? 

विनाशा दूर नहीं बहुत ही करीब है ! इस पर तो लिखते हुए भी शर्म आती है फिर कोई केसे इस घृणित को करने के विषये में सोच सकता है ! 

अगर कोई भी इसको पड़ता है तो मैं चाहूँगा की इस पर अपनी टिपणी अवश्य करे ??????????? आखिर कियों ये हो रहा है !

पैरा-मेडिकल छात्रा के साथ बस में गैंग रेप

नयी दिल्ली: दिल्ली में रविवार की रात उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाली एक पैरा मेडिकल छात्रा के साथ बस में कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर उसे बाहर फेंक दिया गया.
दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर से गंभीर सवाल खड़ा करने वाली यह घटना बीती देर रात दक्षिणी दिल्ली के महिपालपुर के निकट घटी. पुलिस के अनुसार बस में छात्रा के साथ उसके मौजूद साथी पर आरोपियों ने हमला किया और बस से नीचे फेंक दिया. पीडि़ता का यह दोस्त पेशे से इंजीनियर है और एक कंपनी में नौकरी करता है. पीडि़त छात्रा और उसके दोस्त ने बीती रात मुनीरका से द्वारका के लिए बस पकड़ी थी. महिलापुर के निकट लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया और पीडि़ता एवं उसके दोस्त की आरोपियों ने पिटाई की. इसके बाद उन्हें बस से नीचें फेंक दिया गया. दोनों को एम्स ट्रामा सेंटर ले जाया गया. बाद में लड़की को सफदरजंग अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया. लड़की की हालत गंभीर बतायी गयी है. इस संदर्भ में दिल्ली के वसंत विहार थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. पीडि़त लडकी देहरादून के एक कॉलेज में पढ़ाई करती है और दिल्ली इंटर्नशिप के लिए आयी थी.
दिल्ली सुरक्षित नहीं 
इस घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा दुख जताया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली वाकई लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं रह गयी है. इस तरह की घटनाएं हाल के दिनों बढ़ गयी हैं. पुलिस और सरकार को वास्तव में सतर्क रहना चाहिए. हम इसकी जांच करायेंगे और इसकी भी जांच की जायेगी कि पुलिस ने अब तक इसमें क्या किया है.ह्ण

भाई-बहन का रिश्‍ता हुआ शर्मसार

केरल में अपने परिजनों द्वारा नाबालिग लडकी के साथ यौन उत्पीडन का एक और मामला सामने आया है. 14 वर्षीय एक लडकी के साथ उसका भाई और दोस्त कथित तौर पर पिछले दो साल से दुष्कर्म कर रहे थे. पुलिस ने बताया कि दोनों कासरगोड जिले के पावोर के रहने वाले हैं और उन्हे हिरासत में ले लिया गया है.
उन्होंने बताया कि लडकी को कर्नाटक के कई स्थानों पर ले जाया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया. इस घटना की जानकारी हाल में तब मिली जब देर रात एक होटल में लडकी के साथ चार अन्य लोगों को देखकर पुलिस ने पूछताछ की. पुलिस के मुताबिक कुछ और लोग संलिप्त थे और इस संबंध में विस्तृत जांच शुरु कर दी गयी है.
गौरतलब है कि पिछले कुछ सप्ताह के दौरान केरल में इस तरह की कुछ अन्य घटनाएं सामने आयी है. एर्नाकुलम के पारावूर में 17 साल की एक लडकी के साथ उसके पिता और अन्य लोग पिछले एक साल से दुष्कर्म कर रहे थे. एक अन्य घटना में पिता ने अपनी छह साल की बच्ची का यौन उत्पीडन किया और उसे शराब पीने को मजबूर किया. कन्नूर जिले के थालासेरी के धर्मादम में 13 साल की एक लडकी के साथ उसके पिता, भाई और चाचा पिछले दो साल से दुष्कर्म कर रहे थे